नीतीश कुमार आज बिहार CM पद से विदा ले रहे; इस्तीफे के बाद कौन होगा उनका 'उत्तराधिकारी'? इस बार BJP बना रही अपना मुख्यमंत्री!
Nitish Kumar Resignation Today As Bihar CM Post New CM Name Live
Bihar New CM Name: बिहार की सियासत में आज एक बड़ा दिन होने वाला है। बिहार के सबसे लंबे समय तक और सर्वाधिक बार मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड बनाने वाले नीतीश कुमार अब बिहार की सत्ता से विदा ले रहे हैं। अब वह दिल्ली से राष्ट्रीय राजनीति में अपनी आगे की पारी खेलेंगे। नीतीश कुमार आज कुछ ही घंटों में बिहार के सीएम पद से इस्तीफा सौंप सकते हैं। जहां उनके इस्तीफे के साथ ही सबकी नजर अब इसी पर आकर टिक गई है की बिहार का अगला सीएम कौन होगा? किसे बिहार का नेतृत्व मिलने जा रहा है?
नीतीश के 'उत्तराधिकारी' का फैसला कुछ ही घंटों में
फिलहाल इसका भी फैसला अब से कुछ घंटे बाद हो जाएगा। नीतीश के इस्तीफे के बाद उनके उत्तराधिकारी का चुनाव होगा। हालांकि अंदरूनी तौर से तय तो पहले ही सबकुछ है, बस औपचारिकता की जा रही है। बता दें आज मंगलवार दोपहर 3 बजे केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में बिहार बीजेपी विधायक दल की बैठक होगी जिसमें नए सीएम के नाम पर मुहर लग जाएगी। बीजेपी ने शिवराज सिंह चौहान को बिहार बीजेपी विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक (Observer) नियुक्त किया है। बताया जा रहा है कि विधायक दल की बैठक के बाद शाम 4 बजे NDA विधायक दल की बैठक भी होगी।
इस बार BJP बना रही अपना मुख्यमंत्री!
इस बार बीजेपी अपने खेमे से किसी चेहरे को सीएम बनाने जा रही है। अगर ऐसा होता है तो बिहार को पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री मिलेगा। चर्चा यह भी है कि उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को ये पद दिया जा सकता है। सीएम फेस की रेस में सम्राट चौधरी सबसे मजबूत दावेदार हैं। बीजेपी ने शिवराज सिंह चौहान को जो ज़िम्मेदारी सौंपी है, उसमें विधायक दल के नेता के चुनाव के साथ-साथ बिहार में नए मुख्यमंत्री और आगामी सरकार के गठन की प्रक्रिया की बड़ी रणनीतिक तस्वीर छिपी हुई है. हालांकि, JD(U) खेमे की तरफ से सीएम पद अपने पास ही रखने की बात होती रही है।
निशांत कुमार को डिप्टी CM बनाने की चर्चा
नीतीश कुमार के एकलौते बेटे निशांत कुमार ने हाल ही में राजनीति में कदम रखा है। निशांत ने अपनी पिता की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए JD(U) जॉइन कर ली है। नीतीश कुमार का राज्यसभा आना और निशांत कुमार का अचानक राजनीतिक में आना। ये केवल एक संयोग नहीं माना जा रहा है। इसके साथ ही यह चर्चा तेज है की निशांत कुमार को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। शायद बीजेपी को अपना सीएम बनाने देने के बदले नीतीश कुमार की यह खुद की मांग भी है। वहीं राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस बार बिहार की नई सरकार में 2 डिप्टी सीएम नहीं होंगे सिर्फ निशांत कुमार के रूप में एक ही उप मुख्यमंत्री होंगे। जबकि अभी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ बीजेपी कोटे से 2 उप मुख्यमंत्री हैं।
पूरी सरकार ही बदल रही, नए मंत्री शामिल होंगे!
जहां एक ओर बिहार के नए नेतृत्व यानि मुख्यमंत्री को लेकर कुछ ही घंटों में तस्वीर साफ होने वाली है तो वहीं यह भी साफ हो जाएगा की बिहार की नई सरकार में मंत्री कौन-कौन बनेगा? क्योंकि बिहार की पूरी सरकार ही बदल रही है। नए सिरे से शपथ ग्रहण समारोह होगा। नए मंत्री शामिल होंगे। इसलिए नए सीएम के साथ मंत्रियों के नामों को लेकर भी अटकलें तेज हो गई हैं। कई मौजूदा चेहरों के ही होने की संभावनाएं जताई जा रही है उनमें से कई चेहरे वहीं हैं जो मौजूदा नीतीश मंत्रिमंडल में शामिल हैं। वहीं यह कयास लगाए जा रहे हैं कि बीजेपी अपने कोटे से कुछ 'नॉन-परफॉर्मिंग' मंत्रियों की छुट्टी कर सकती है। उनकी जगह नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है।
बिहार से 'नीतीश युग' जा रहा
नीतीश कुमार के सीएम पद से इस्तीफे के साथ ही बिहार से 'नीतीश युग' जा रहा है। बिहार की राजनीति की यह एक बड़ी करवट है। क्योंकि बिहार के 'सुशासन बाबू' कह जाने वाले CM नीतीश कुमार बिहार की कमान छोड़ रहे हैं। 20 साल से अधिक समय तक बिहार की राजनीति और सत्ता की धुरी बने रहे नीतीश कुमार ने CM की कुर्सी से ज्यादा संसद के उच्च सदन राज्यसभा में जाने की दिलचस्पी दिखाई है। नीतीश कुमार ने 10 अप्रैल को राज्यसभा मेंबर के तौर पर शपथ ली थी। वहीं ये चर्चा भी तेज है की नीतीश युग जाते ही बिहार का पॉलिटिकल अलाइनमेंट बदलेगा। बिहार की त्रिकोणीय राजनीति अब दो धुरों पर बीजेपी बनाम आरजेडी की रह जाएगी।
नीतीश कुमार कब-कब बने बिहार के CM?
नीतीश कुमार सबसे पहले मार्च 2000 में हुए चुनाव के बाद करीब 7 दिन के लिए बिहार के सीएम बने थे। उस वक्त नीतीश कुमार की सरकार बहुमत हासिल न कर पाने के कारण गिर गई। फिर नवम्बर 2005 में चुनाव के बाद नीतीश कुमार दूसरी बार बिहार के सीएम बने। इस दौरान नीतीश कुमार ने 5 साल का कार्यकाल पूरा किया। वहीं नवम्बर 2010 में चुनाव के बाद नीतीश कुमार ने तीसरी बार सीएम पद की शपथ ली और लगभग 3.5 साल के लिए बिहार के सीएम रहे। इसके बाद बिहार में राष्ट्रपति शासन लगा।
वहीं फरवरी 2015 में नीतीश कुमार ने मांझी को हटाकर चौथी बार सीएम पद की शपथ ली और करीब 9 महीना बिहार के सीएम रहे। जबकि नवम्बर 2015 में हुए चुनाव बाद पाँचवीं बार नीतीश कुमार ने सीएम पद की शपथ ली और 1.8 साल तक बिहार के सीएम रहे। वहीं जुलाई 2017 में फिर से नीतीश कुमार पलटे और छठी बार सीएम पद की शपथ ली और इस दौरान 3.4 साल के लिए बिहार के सीएम रहे। इसके बाद आगे भी नीतीश के सीएम बनने का सिलसिला जारी रहा.
नवम्बर 2020 में हुए चुनाव के बाद नीतीश कुमार ने 7वीं बार सीएम पद की शपथ ली और लगभग 19 महीने बिहार के सीएम रहे। क्योंकि अगस्त 2022 में बीजेपी का साथ छोड़ने और RJD के साथ जाने के बाद नीतीश कुमार ने 8वीं बार सीएम पद की शपथ ली और करीब 1.5 महीना बिहार के सीएम रहे। इसके बाद जनवरी 2024 में फिर से बीजेपी के साथ आकर 9वीं बार नीतीश कुमार बिहार के सीएम बने। वहीं 2025 विधानसभा चुनाव के बाद नीतीश ने 20 नवंबर को 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी.
केंद्र में मंत्री रहे नीतीश कुमार
ज्ञात रहे कि जेडीयू सुप्रीमो नीतीश कुमार केंद्र सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। नीतीश ने मार्च 1998 से अगस्त 1999 और फिर मार्च 2001 से मई 2004 तक पूर्व अटल बिहारी बाजपाई की सरकार में रेल मंत्रालय संभाला और बतौर रेल मंत्री रेलवे व्यवस्था में कई अहम बदलाव किए। रेल मंत्री रहने के अलावा नीतीश केंद्रीय परिवहन मंत्री, केंद्रीय कृषि मंत्री और केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भी रहे। नीतीश कुमार की गिनती देश के ऐसे नेताओं में की जाती रही है जो पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए मजबूरी रहे हैं। यानि चाहें सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, दोनों खेमों ने नीतीश कुमार को अपने पाले में रखने की कोशिश की है। इसीलिए नीतीश कुमार के बारे में एक स्लोगन भी खूब चर्चा में रहता है कि ''नीतीश सबके हैं''।